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Dhuno Tape Ram ko | धुणो तपे राम को

 धुणो तपे राम को होवे कोई बड़ भागी

 जा ने साचा सतगुरु मिल ग्या बांकी सुरता जागी ।।


इस धूणे पर मीरां तप गयी तप गयी करमा बाई

सुआ पढ़ावत गणिका तापी जांकि लगन राम स लागी

धुणो तपे राम को...


इस धूणे पर सुरां तप गया तप गया सजन कसाई

नामदेव जी ऐसा ताप्या जांकि लगन राम से लागी

धुणो तपे राम को...


इस धूणे पर गोरक्ष तप गया तप गया नानक साईं

गोपीचंद भरथरी ताप्या जांकि लगन राम से लागी

धुणो तपे राम को..


इस धूणे पर नरसी तप गया तप गया सेना नाई

दास कबीरा ऐसा ताप्या जांकि लगन राम से लागी

धुणो तपे राम को...

Nirgun Bhajan | निर्गुण भजन

 1 म्हाने अब के बचा ले मेरी माय | bateu aayo levan ne

2 मानखौ जमारो बन्दा | minakh jamaro banda bhajan

3 भजले पछींड़ा हरिनाम ।Bhaj Le panchida Hari Naam

4 भाई म्हारा रंग सूं तो रंग मिल जाय । bhai mhara rang su rang mil jaaye

6 बिना भजन आ काया कांई काम री ।Bina bhajan a Kaya kam Kam

7 मन तू क्यों पछतावे रे।man to Kyon pachtave Re

8 राम नाम सुखदाई।Ram Naam sukhdae

9 वन में देख्या दोय बनवासी ।van mein dekhen do a banavasi

10 एक झोली में फूल भरे हैं । Ek Jholi Mein Phool bhare Hain

11 नाथ थारे शरण आयो जी।Nath Thare Sharan Aayo ji

12 राम नाम अनमोल है प्यारे । Ram Naam Anmol Hai Pyare

13 सब काम सफल हो जाते हैं, दुनियां में हरि गुण गाने से। Sab kam Safal ho Jaate Hain 

14 जोड़ जोड़ भर लिये खजाने । Jod Jod Bhar Liye khajane

15 भाई रे मत दीज्यो मावड़ी न दोष । bhai re mat dijo mavadli ne dosh

16 बिनजारी ए हंस हंस बोल।binjari a hans hans bol

17 श्री कृष्णः शरणं ममः। Shri Krishna Sharanam mama

18 गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय | Govind Jay Jay Gopal Jay Jay

19 पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे

20 dhuno tape ram ko  | धुणो तपे राम को 

21 इतनी शक्ति हमे देना दाता 

22 तू कितनी अच्छी है 

23 बोल सुवा राम राम 

24 सोन चिड़ी 

 




आली म्हाने लागे वृन्दावन निको | Sakhi mohe lage Vrindavan neeko/I

मीराँ बाई

लागे वृन्दावन निको आली म्हाने लागे वृन्दावन निको-२

घर-घर तुलसी ठाकुर पूजा ठाकुर पूजा-२

दर्शन गोविन्द जी को ॥आली म्हाने॥

निर्मल नीर बहत यमुना में बहत यमुना में-२

भोजन दुध दहीं को ॥आली म्हाने॥

रत्न सिंघासन आप बिराजे, आप बिराजे-२

मुकुट धरयो तुलसी को ॥आली म्हाने॥

कुंजन कुंजन फिरत राधिका, फिरत राधिका-२

शब्द सुनत मुरली को ॥आली म्हाने॥

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, गिरधर नागर-२

भजन बिना सब फीको ॥आली म्हाने॥ 

​घणी दूर सै भाग रहयो, थारी गाडी | Ghani Dur Se Bhaag riyo Thari Gadoli

 मायरा नरसी जी का

​घणी दूर सै भाग रहयो, थारी गाडी म्हैं लार,

गाडी म्हैं बिठाले, बाबा, चुलंगा नगर अंजार।।

नरसी बोल्यो म्हारै सागे कांई करसी,

ओढ़ण कपड़ा नाम, बणै सीता म्हा...।१।।

बूढ़ो बैल टूट्यूं गाड़ी पैदल जावै हार,

ध्यान दासोजी काई गाड़ी तोड़ैगो,

ज्ञानदास जी कहै तुमड़ा फोड़ैगो,

भीड़-भाड़ में टूटै म्हारो इकतारा रो तार।।२।।

नानी बाई को भात देखणा चालौगी?

पुन पावलौ थाली में भी घालूंगी।

पांच चार दिन चौखा-चौखा जीमण जीमणा।।३।।

झोलै म्हैं दिख्या बरसोलो और पाती

किसनो म्हारो नाम जात मेरी है खाती,

चिन्ता की कांई बात है गाड़ी देऊँ सुधार।।४।।

भोले सै भक्तों के भाव जब जायग्यो,

के बिगड़ै है बैठ लै जद भागग्यो,

किसनो खाती कारण लायो, मोड़ा की मनवार।।५।।

जुड़ै ऊपर बैठ हांकस्यूं मैं न्हारा,

थै करल्यो आराम, दाबस्यूँ पग थारा,

घड़ी चार म्हे भक्ता थानै, थालू नगर अंजार।।६।।

टेटडी गाड़ी भी आज विमान बणी,

नरसी गावै सुनै खुद श्याम धणी,

सूरां सगला पीठ थपै जीवणो रै मोट्यार।।७।।

केशव कुणसौं भगत जठै हरि नै आयो,

मोहन मन मुस्काय जठै मोटा पाया,

दीन जाण के दाता म्हारी नैया करियो पार।।८।।

गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय | Govind Jay Jay Gopal Jay Jay

 कीर्तन

गोविन्द जय-जय गोपाल जय-जय

राधा रमण हरि, गोविन्द जय जय ॥१॥

ब्रह्मा की जय-जय, विष्णु की जय जय।

उमा पति शिव शंकर की जय जय ॥२॥

राधा की जय-जय रुक्मणी की जय जय।

मोर मुकुट बंशीवाले की जय जय ॥३॥

गंगा की जय जय, यमुना की जय जय।

सरस्वती, त्रिवेणी की जय जय ॥४॥

रामजी की जय जय, कृष्णजी की जय जय।

दशरथ कुमार चारों भाईयों की जय जय ॥५॥

विष्णु की जय जय, लक्ष्मी की जय जय।

कृष्ण बलदेव दोनों भाईयों की जय जय ॥६॥

गोविन्द जय जय गोपाल जय, राधा रमण हरि

जैसी शीशी काच की, वैसी नर की देह।

जतन करता जायंसी, हरि भज लांवा लेत॥

​मानखौ जमारो बन्दा | minakh jamaro banda bhajan

 

मिनखा जनम

​मानखौ जमारो बन्दा ऐलौ मत खोवै

सुकुरित करले जमारा नै।

पापी क मुख से यो राम कोनी निकले

केशर दुल गयी गारा में॥१॥

भैंस पदमणी न गहणों रे पहरायो,

काँई जाण नौसर हारू नै।

पहर कोनी जाणै बातै औढ़ कोमी जाणै,

कूद पड़ी वा बाड़ा में॥२॥

सोनै की थाली में सुरडी नै परोस्यो,

काँई जाण जीमण जीमाराने।

जीम कोनी जाण बा तौ झूठ कोनी जाण,

जनम गंवायो गन्दी बाड़ा में॥३॥

काच क महल म कुती न सुवाणी,

काँई जाण सोवन हारा नै।

सॉप कोनी जाण बा तौ पौढ़ कोनी जाण,

भूषण लागी धारा में॥४॥

हीरा लै मुरखा न दिन्हों

काँई जाण मुरख हीरा न

हीरा की पारख जंवरी जाण

काँई जाण मुरख गिवारा नै॥५॥

म्हाने अब के बचा ले मेरी माय | bateu aayo levan ne

 बटाऊड़ो

म्हाने अब के बचा ले मेरी माय, बटाऊड़ो आयो लेवण न। देर॥

पाँच कोटड़ी दस दरवाजा, इण मंदिर र मांय।

लुकती छिपती में फिरू रे, किण विध छोड़े बेरी नाय॥१॥

हाथ जोड़ कन्या कहे रे, सुण मायड़ मेरी बात।

अबकि बटाऊ न पाछो कर दे, फेर चलूँगी बारे साथ॥२॥

हाथ जोड़ बुढ़िया कहे रे, सुणो बटाऊ म्हारी बात।

म्हांरी कन्या भोली-भाली, अब क तो कर दयो गुनाह माफ॥३॥

सावन रा दिन सतरह बीत्या, आई तीज प्रभात।

रमण खेलनरी मन में रहगी, संग री सहेल्याँ साथ॥४॥

मात पिता और कुटुम्ब कबीलो, फेरयो सिर पर हाथ।

सात भंयारी बहन लाड़ली, कोई न चाल्यो बारे साथ॥५॥

कीर्तन गोविंद जय जय गोपाल जय जय

 कीर्तन गोविंद जय जय गोपाल जय जय


गोविन्दज य-जय गोपालज य-जय

राधा रमण हरि, गोविन्द जय जय ।। १ ।।

ब्रह्मा की जय-जय, विष्णु की जय जय । 

उमा पति शिव शंकर की जय जय ।। २ ।।

राधा की जय-जय रुक्मण्ण की जय जय ।

 मोर मुकुट बंशीवाले की जय जय ।। ३ ।।

गंगा की जय जय, यमुना की जय जय । 

सरस्ती, तिरवेणी की जय जय ।। ४ ।। 

रामजी की जय जय, कृष्णजी की जय जय । 

दशरथ कुमार चारों भैयों की जय जय ।। ५ ।।

 विष्णु की जय जय, लक्ष्मी की जय जय । 

कृष्ण बलदेव दोनों भाईयों की जय जय ।। ६ ।।

 गोविन्द जय जय गोपाल जय, राधा रमण हरि




कीर्तन गोविंद जय जय गोपाल जय जय