Prasadi Bhajan | प्रसादी भजन

 प्रसादी ( भोग )

मेरा मोहन भोग लगावे ना शरमावे भूखा प्यार का

माली है संसार का ॥१॥

भिलनी के बेर सुदामा के तंदूल१

रुची रुची भोग लगावे ना शरमावे भूखा प्यार का

माली है संसार का ॥२॥ मेरा मोहन भोग लगावे

करमा बाई की खिचड़ी खावे२

धना की रोटी खावे ना शरमावे भूखा प्यार का

माली है संसार का ॥३॥ मेरा मोहन भोग लगावे

दूयोधन के मेवा त्यागे२

साग विदुर घर खावे ना शरमावे भूखा प्यार का

माली है संसार का ॥४॥ मेरा मोहन भोग लगावे

आवो रामजी भोग लगावो

आवो श्यामजी भोग लगावो

आवो हनुमानजी भोग लगावो

आवो शंकरबाबा भोग लगावो

इस प्रसाद को अमृत बनावो२

जो कोइ इस प्रसाद को पावे२

तेरा नाम लीयाहि जावे ना शरमावे भूखा प्यार का

माली है संसार का ॥४॥ मेरा मोहन भोग लगावे

Thali Bharkar Layo re Churmo | थालो भरकर लायो रे चुरमो

 जय बजरंग बली

थालो भरकर लायो रे चुरमो ऊपर डाल को बाटको।

जिम्हो म्हारा बजरंग बाबा आज दिवस है ठाटको॥

यो आज दिवस है ठाटको यो रामायण के पाठ को॥१॥ जिम्हो म्हारा

सालासर थारो गाँव सुहावण मन भावन अति भारी है।

ऊंचे शिखर थारी धजाँ फिरुके आवे नर और नारी है॥

थाने जग मे सभी मनावे काई रंक काइ लाटको॥२॥ जिम्हो म्हारा

दूर दूर से आवे जातरी आकर शिश नवावे है।

जात जड़ूला करवा आवे मन ईच्छा फल पावे है॥

दाल चुरमा को भोग लगावे और खीर को बाटको॥३॥ जिम्हो म्हारा

रोगी ने ये करो नीरोगी निर्धने धनवान करो।

पुत्र हिन ने पुत्र देवो थे निर्बल ने बलवान करो॥

भूत पिशाचू निकट नहि आवे२॥ नाम लिया थार पाठको॥४॥ जिम्हो म्हारा

रामदूत बजरंग बली थे सबका काज सिद्ध करो

जो कोइ थांन मनसू ध्यावे अनधन का भंडार भरो

शिव काशी संग व्यास मनावे२॥ ध्यान धरे नित आपको॥५॥ जिम्हो म्हारा

श्री रामायण प्रचार समिति मुम्बई

खाटू वाले, मुझे बुला ले | Khatu wale mujhe bulale

 🎶 भजन श्री श्याम 🎶

खाटू वाले, मुझे बुला ले, यह मेरी अरदास, श्याम मंज़ूर करो॥

खाटू है प्रभु धाम तेरा, रटता हूँ मैं नाम तेरा।

भक्तों के मन को मोहे, ऐसा रूप है श्याम तेरा॥

हम सेवक विनती करते हैं, करो हृदय में वास, श्याम मंज़ूर करो॥

खाटू वाले...

जिसने तेरा नाम लिया, प्रभु उसका आवागमन मिटा।

प्रेम-भाव से नाम लिया, प्रभु जन्म जनम का पाप कटा॥

जगदाधार तुम्हीं हो भगवान, करो भक्ति प्रकाश, श्याम मंज़ूर करो॥

खाटू वाले...

भवभंजन दुःखहार तू ही, कलियुग का अवतार तू ही।

सबका पालनहार तू ही, निराकार साकार तू ही॥

बाबा श्याम करूँ मैं विनती, रहूँ चरण का दास, श्याम मंज़ूर करो॥

खाटू वाले...

आया हूँ मैं शरण तेरी, राखो लाज अब श्याम मेरी।

श्याम मण्डल यह अर्जी करी, सदा करो प्रतिपाल हरि॥

चरणकमल का लिया आसरा, मन की मिटा दो त्रास, श्याम मंज़ूर करो॥

खाटू वाले...

खाटू वाले, मुझे बुला ले | Khatu wale mujhe bulale




कुण जाने या माया श्याम की | kun jane ya maya shyam ki

 ॥ भजन श्री श्याम ॥

कोई न जाणे माया श्याम की, अजब निराली है।

त्रिलोकी को नाथ जाट कै, बन गयो हाली रै।।

सो बीघां को खेत जाट को, राम भरोसे खेती रै।

आधा में तो गेहूँ चना, आधा में दाना मेथी रै।

बिना बाड़ को खेत हमारो, श्याम रुखाली रै।। त्रिलोकी ...

भूरी भैंस चमकनी म्हारे, दो बकरी दो नारा रै।

बिना बाड़ को बाड़ो ज्यामें, बांध्यूं न्यारा न्यारा रै।

आवे चोर जड़ चक्कर काटै, काढ़ै गाली रै।। त्रिलोकी ......

जाट जाटणी निर्भय सोवे, सोवे छोरा छोरी रै।

श्याम धणी पहरा के ऊपर, क्यॉं होवे चोरी रै।

चोर लगावे नित का चक्कर, जावे खाली रै।। त्रिलोकी ...

बाजरा को रोटी खावै, ऊपर घी को लपको रै।

पालक की तरकारी खावै, भर मूली कै बटको रै।

छाछ राबड़ी को करै कलेवो, भर-भर थाली रै।। त्रिलोकी ...

धन्ना जाट को छपरो छापो, लक्ष्मी वेद खिंचायो रै।

धावलियों क ओले बैठकर, दुध खींचड़ो खायो रै।

भक्तां के संग नाचै कूदै, दे दे ताली रै।। त्रिलोकी ...

खप्पर भरकर लायी गौरजा | khappar bhar Kar layi gourja

 जय भोले शंकर

खप्पर भरकर लाये गौरजा भाँग धतूरा धौट कै।

पियो म्हारा भोला शम्भू २ बारगबर की ओट सै।। १।। ध खप्पर भरकर लाये

आंकडे की रोटी लाई धतूरे को साग जो।

बिजयाकी म्है दाल बनाइ जिम्मो म्हारा बापजी र।

बडे चाव से लाई र गौरजा आँचल की या ओटमै।।२।। पियो म्हारा भोला

केदारनाथ ओंकारनाथ बाबा विश्वनाथ हो रामेश्वर

कोइ भीमाशंकर कहता कोइ कहता घृशमेश्वर र

महाकाल तेरे भस्मी रमावै र भक्त व्हारे पौटपर।।३।। पियो म्हारा भोला

सोमनाथ मल्लिकार्जुन तुम हो तुम ही हो प्रभु नागेश्वर

पशुपतीनाथ तुम्हीं हो शंकर तुम्हीं हो प्रभु त्रंबकेश्वर र

वैद्यनाथ तेरे करें परिक्रमा भक्त जमीं पर लौटकर।।४।। पियो म्हारा भोला

नंदी भूंगी नृत्य करत है करमै वाजंत है डमरू

तांडव नृत्य करत प्रलयंकर पावाम् लै लै कै घुँगरू र

शिवा गजानन और षडानन् नाचत लोटपोट कै।।५।। पियो म्हारा भोला

आशुतोष तुम अवढरदानी सबकी अभिछा पूरण करो

भूतनाथ बाबा भोलेशंकर सबकी इच्छा दूर करों र

शिव काशी संग बसो मनावै नमन कर जोर कै।।६।। पियो म्हारा भोला