लीला र म्हानै श्याम सै मिला दे | Leela Re Mane Shyam Se Mila De

 तर्ज : उड़ उड़ र म्हारा काला कागला...)

लीला र म्हानै श्याम सै मिला दे,

छम छम करतो बेगो आ... श्याम धणी नै सागे ल्या ॥

तू तो है बाबा की सवारी, तेरे बिन हाल ना बिहारी,

अरजी म्हारी लेतो जा... श्याम धणी नै सागे ल्या ॥

सांवरिया नै अरज सुणाजै, तू भी थोड़ो ज़ोर लगाजे,

आँखडल्यारी, प्यास बुझा... श्याम धणी नै सागे ल्या ॥

तू सेवक बाबा को प्यारो, तेरे बस में श्याम हमारो,

बेनतियां री लाज़ निभा... श्याम धणी नै सागे ल्या ॥

kar de Dinon ka Dukh Dur Ho BhagAmbar wale | कर दे दीनों का दुःख दूर ओ बाघम्बर वाले

 शिवजी भजन

कर दे दीनों का दुःख दूर ओ बाघम्बर वाले

कर दे भक्तों का बेड़ा पार ओ शिव शंकर भोले।

कोई चढ़ाए शिवजी जल की ओ धारा

कोई चढ़ाए कच्चा दूध ओ बाघम्बर वाले -॥ कर दे...

हरी हरी बेल की पत्तियां, चन्दन चावल

और चढ़ाऊँ फल फूल ओ मेरे बम भोले॥ कर दे...

आक धतूरा शिवजी भोग लागत है

भंगिया पियो भरपूर ओ भूतेश्वर भाले -॥ कर दे...

नंदी गण असवारी ओ शिवजी

हाथ लियो है त्रिशूल ओ बाघम्बर वाले॥ कर दे...

गोरे-गोरे अंग पे भस्मी रमाये,

गले सर्पों का हार ओ शिव शंकर भोले -॥ कर दे...

बायें अंग माँ गिरिजा बिराजे,

गोदी में लिये गणेश ओ बाघम्बर वाले -॥ कर दे...

सेवा न जानू बाबा पूजा न जानू

जानू मैं तेरा एक नाम ओ बाघम्बर वाले -॥ कर दे...

अर्ज़ी हमारी बाबा मर्ज़ी तुम्हारी

अर्ज़ी करो मंजूर ओ भूतेश्वर भोले -॥ कर दे...

पलकें ही पलकें बिछायेंगे | Palke hi Palke bichayenge

 ॥ भजन श्री श्याम ॥

पलकें ही पलकें बिछायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥

हम तो हैं कान्हा के, जन्मों से दीवाने रे।

हम तो हैं बाबा के, भजनों के दीवाने रे।

मीठे-मीठे भजन सुनायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥ पलकें...

घर का कोना-कोना मैंने, फूलों से सजाया।

बन्दनवार बधाई, घी का दीपक जलाया।

प्रेमी जनों को बुलायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥ पलकें...

गंगाजल की झारी से, चरण पखारूँ।

भोग लगाऊँ लाड लड़ाऊँ, आरती उतारूँ।

खुशबू ही खुशबू उड़ायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥ पलकें...

अब तो लगन एक ही मोहन, प्रेम सुधा बरसादे।

जन्म जन्म की मैली चादर, अपने रंग रंगा दे।

जीवन को जीवन बनायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥ पलकें...

नटवर नागर नन्द का लाला, मुरली मधुर बजावे।

'नन्दू' प्रेमी नाच-नाच कर, गिरधर को रिझावे।

नैनों से नैन मिलायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे॥ पलकें...

म्हारे रे आँगणिये में तुलसी को बिड़लो | mare re anganiya mein tulsi ko bidlo of ji

 ॥ भजन श्री श्याम ॥

म्हारे रे आँगणिये में तुलसी को बिड़लो।

मन्दिर में बिराजे बाबो श्याम, बेड़ा पार करें॥

म्हारे श्याम जी के मुकुट बिराजे।

तन केशरिया बागो साजे।

गल वैजयन्ती माल, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........

खाटू नगरी मेलो लागे भारी।

दूर-दूर से आवे नर नारी।

हो लिले असवार, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........

स्यामी श्याम बन्यो देवालों।

ज्यामें बैठ्यो बजरंग बालो।

पवन पुत्र हनुमान, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........

खीर चूरमों भोग लगावां।

नाचा गावां थाने रिझावां।

'प्रेम' करे गुणगान, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........

सौदो तौल दे साँवरिया | sodo tol de sawariya dhamal

 सौदो तौल दे साँवरिया, तेरो भोत बड़ो व्यापार।। सौदो.............

म्हारी गांठ म दाम नहीं है, लिख ले कलम उधार।। सौदो.............


तेरे कन्ने माल है चोखो, भोत धनेरी पूँजी है।

म्हानै देवण की बरिया तूं, आज बण्यो क्यूँ मूँजी है।

तेरे माल की ही साँवरिया, म्हाने है दरकार।। सौदो.............


श्याम नाम की पूँजी जी दे, साथ म तेरी भक्ति रै।

या पूँजी बढ़ती ही जावै, म्हाने ऐसी युक्ति रै।

ब्याज सहित वापस लेणे को, करवाले इकरार।। सौदो.............


गली-गली म फेरी देस्याँ, म्है बिणजारा बण ज्यास्याँ।

गाँव-गाँव म घूम-घूमकर, तेरी महिमा म्है गास्याँ।

पूरो ज़ोर लगाकर बोलाँ, तेरी जय-जयकार।। सौदो.............


तेर नाम को हेलो सुनकर, तेरा प्रेमी आ जावै।

प्रेमीन म बाँट कै ‘बिन्नु’, थोड़ी ब्याज लौटा पावै।

जन्म-जन्म तेरी पूँजी सँ, करस्यूँ म रूजगार।। सौदो.............

यह एक भजन है, जिसकी भाषा मुख्य रूप से राजस्थानी या मारवाड़ी मिश्रित हिंदी है।