भजले पछींड़ा हरिनाम ।Bhaj Le panchida Hari Naam

 भजन

भजले पछींड़ा हरिनाम, नाम स्यूं तिर जासी,

तूने लियो न हरि को नाम, काया तेरी है काची।

जीवत आवे काम, मर्या थारे संग जासी।।१।।

सुमरो सूरत मात, शारदा है सांची।

लागू गुरुजी के पांव, गुरुजी पोथी बांची।।२।।

कृष्ण थारो मायड़ बाप, कुण थाराँ संग साथी।

कुश करले मनुबार, कुण थारे आडो आसी।।३।।

धरती मायड़ बाप, धर्म म्हारो संग साथी,

कृष्ण करलो मनुबार, राम म्हारे आडो आसी।।४।।

उलझ्यो सो मन सूत, सूत कुण सुलज्यासी,

सतगुरु दिय्यारे बताय, राम थारो सुलझासी।।५।।

माटी री गणगोर घाघरो धमकासी,

नख सिख गहना पैर, बाजारा फिर आसी।।६।।

माटी री गणगोर घाघरो धमकासी,

चार दिना क मांय, कुवां म धमकासी।।७।।

बैठ्यो अंमवारी, डाल डाँलिया लुल ज्यासी,

चढ़यो प्रेम रस चाख, पड़यो, गोता खासी।।८।। भजले पछींड़ा

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