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Jagdambe bhawani maiya tera tribhuwam mai chhaya raaj hai | जगदम्बे भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है

 Jagdambe bhawani maiya tera tribhuwam mai chhaya raaj hai | जगदम्बे भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है




​जगदम्बे भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है।

सोहे वेश कूमुल निको, तेरे रत्नों का सिर पे ताज है-२

​जब-जब भीड़ पड़ी भक्तन पर, तब-तब आय सहाय करें।

अधम उधारण, तारण मैया, युग युग रूप अनूप धरें।

सिद्ध करती तू भक्तों के काज है, मैया तू ही तो खेवनहार है।

सोहे वेश... 'जगदम्बे भवानी....

​जल पर थल और थल पर सृष्टि, अद्भुत तेरी माया है।

सूर नर मुनि जन ध्यान धरें, नित पार नहीं कोई पाया है।

तेरे हाथों में सेवक की लाज है, लियो शरणों तिहारो मैया आज है

सोहे वेश... जगदम्बे भवानी....

​तुझको बुलाये तुम नहीं आओ, ऐसा कभी नहीं हो सकता।

बालक अपनी मैया से बिछुड़ के, सुख से कभी ना सो कता।

मेरी नैया पड़ी मझधार है, अब तू ही तो खेवनहार है।

आ जा रो-रो पुकारै मेरी आत्मा, मेरी आत्मा की ये आवाज है।।

सोहे वेश... जगदम्बे भवानी....


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Bhagto ko Darshan De Gayi re | भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या

Bhagto ko Darshan De Gayi re | भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या  




भगतोको दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या

छोटी सी कन्या, एक छोटी सी कन्या


भक्तो ने पुछा मैया नाम तेरा क्या है

वैष्णो नाम बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो ने पुछा मैया धाम क्या है

परबत त्रिकुट बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो में पुछा मैया सवारी तेरी क्या है

पीला शेर बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो में पुछा माँ प्रशाद तेरा क्या है

हलवा पूरी चना बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो में पुछा मैया श्रृंगार तेरा क्या है

चोला लाल बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो में पुछा मैया शस्त्र तेरा क्या है

त्रिशूल चक्र बता गयी रे एक छोटी सी कन्या


भक्तो ने पुछा सबसे प्यारा तेरा क्या है

भक्तो का प्यार बता गयी रे एक छोटी सी कन्या

थाने विनती करूं मैं बारंबार | Thane vinati Karun main barnbar

 थाने विनती करूं मैं बारंबार,

जगदंबा म्हारी अरज सुनो,

मैं लुल लुल लागूं थारे पाँव,

करनल किनियाणी अरज सुनो ।

बीकोजी ने वचन दियो माँ,

गढ रे नींव लगाय,

देशनोक में भवन बणायो,

बीकाणो नगर बसाय ।

जगदंबा म्हारी अरज सुनो,

थाने विनती करूं मैं बारंबार ।


गंगासिंह रे रही मदद में,

अंग्रेजों री वार,

अंग्रेजों ने कुबद कमाई,

सूतोड़ो सिंह ने जगाय ।

जगदंबा म्हारी अरज सुनो,

थाने विनती करूं मैं बारंबार ।


सिंह गरजकर आयो गंग पर,

हाथल रोकी जाय,

मेहर भई जगदम्बा थारी,

सिंहड़े ने दियो रे भगाय ।

जगदंबा म्हारी अरज सुनो,

थाने विनती करूं मैं बारंबार ।

Aa Maa Aa aa Tujhe | आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा

 ॥ भजन दुर्गा जी ॥

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा।

दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ। आ माँ आ .............



मैंने पूजा की है मन से तेरी साँझ सवेरे।

अब तो मुझको दर्शन देके भाग्य जगा दे मेरे।

मैया मैया बोले मेरा मन इकतारा माँ। आ माँ आ .............



तूने ही पाला है मुझको तू ही मुझे संभाले।

तूने ही मेरे जीवन में पल-पल किये उजाले।

चरणों में तेरे मैंने तन-मन वारा माँ। आ माँ आ .............



मान ले मेरी विनती मैया एक झलक दिखलादे।

रूप की शीतल किरणों से नैनों के द्वार सजा दे।

नैनों का रूप तेरा लगता है प्यारा माँ। आ माँ

 आ .............

Aai Singh Pe Sawar Maiya oodhe | आई सिंह पे सवार मैया ओढ़े चुनरी

 भजन दुर्गा मैया ॥

आई सिंह पे सवार मैया ओढ़े चुनड़ी।

ओढ़े चुनड़ी, ओ मैया ओढ़े चुनड़ी॥ आई ...........



आदिशक्ति है मात भवानी, जय दुर्गे माँ काली।

बड़े-बड़े राक्षस संहारे, बन रणचण्डी मतवाली।

करती भक्तों का उद्धार, मैया ओढ़े चुनड़ी॥ आई ...........



महिषासुर था महाबली, देवों को खूब सताया।

छीन लिया इंद्रासन और देवों को मार भगाया।

करी देवों ने पुकार, मैया ओढ़े चुनड़ी॥ आई ...........




दुर्गा का अवतार लिया, भक्त महिषासुर संहारी।

दूर किया देवों का संकट, लीला तेरी न्यारी।

किया देवों पे उपकार, मैया ओढ़े चुनड़ी॥ आई ...........




जो कोई जिस मंशा से मैया, द्वार तिहारे जाता।

हर इच्छा होती है पूरी, मुँहमाँगा फल पाता।

'राजू' करता है पुकार, मैया ओढ़े

 चुनड़ी॥ आई ...........


Esa pyar bahade maiya | ऐसा प्यार बहा दे मैया

 ऐसा प्यार बहा दे मैया

चरणों में लग जाऊँ मैं!

सब अंधकार मिटा दे मैया

दर्शन तेरे कर पाऊँ मैं...!!


जग में आकर जग को मैया

अब तक न पहचान सका,

क्यों आया हूँ कहाँ है जाना

यह भी न मैं जान सका

तू है अगम अगोचर मैया

कहाँ कैसे लख पाऊँ मैं...!!


सुन माता जगदम्बे भवानी

मैं बालक नादान हूँ,

हूँ अपराधी, न जप-तप जानूँ

मैं अवगुण की खान हूँ

दे ऐसा वरदान हे मैया

सुमिरन तेरा गाऊँ मैं...!!

ऐसा प्यार बहा दे मैया

चरणों

 में लग जाऊँ मैं!!

Mangal ki mool bhawani | मंगल की मूल भवानी, शरणा तेरा है

 

मंगल की मूल भवानी, शरणा तेरा है।

शरणा तेरी है, आसरा तेरा है।।

मैया हे ब्रह्मा की पुत्री, लेकर ज्ञान सुरग से उतरी।

आज तेरी कथा बनाकर सुधरी, प्रथम मनाया हूँ।।1।।

​मैया भवन बनाया जालिका हार गुंथ ल्याय मालिका।

ध्यान धर कलकत्ता वाली को, पुष्प चढ़ाया है।।2।।

​मैया महिषासुर को मार्या, अपने बल से धरन पछाड़या।

 हाथ लिये खांडा दुधारा, असुर संहारया है।।3।।

​कहता शंकर जटोलि वाला, हर दम रटे गुरु की माला।

खोल मेरे हृदय का ताला, विद्या वर पाया है।।4।।

thara Raat dina gun Gava dadhimati bhajan

 thara Raat dina gun Gava dadhimati bhajan|थारा रात दिना गुण गवा दधिमती माता भजन 


मां दधिमती के द्वार पर आवे हैं संसार 

दुखिया सुखिया सब जणा मां थासु करे पुकार ।।दोहा।।

थारा रात दिना गुण गवा थाने नित उठ शीश झुकावा ओ माता दधिमथी थोड़ी सी नजर थे करो ।। टेर।।


सांचा मनसू ध्यावे जाको मान बढ़ाओ हो

पल में महाराणा मैया रंक बनाओ हो

थारी दया नजर हो जावे बो राज उदयपुर पावे ओ माता दधिमती थोड़ी सी नजर तो करो ।।1।।

दुखिया ने सुखिया मैया पल में करो हो भगता का कष्ट मैया पल में हारो हो 

जद घोर अंधेरों छावे तू ज्वाला बनकर आवे 

ओ म्हारी मावड़ी थोड़ी सी नजर तो करो ।।2।।

घोर निसाचर मंदिर तोड़न आया हा काला भंगरा सु मैया आप भगाया हा 

हो लच्छमी कि अवतारी थारो महिमा सब सु न्यारी ओ म्हारी नारायणी थोड़ी सी नजर तो करो ।।3 ।।

माता शांता जद थाने पुकारी ऋषि अथर्वा घर आप पधारी थाने दाधीच कुल सब ध्यावे थारो सोहनसुत गुण गावे ओ म्हारी कुलदेवी थोड़ी सी नजर तो

 करो ।।4।।


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Mata Rani ke Bhajan Lyrics

माता रानी के भजन - Mata Rani Ke Bhajan Lyrics

माता रानी के भजन - Mata Rani Ke Bhajan Lyrics

मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये

मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये



 मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये

हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये



गैरो ने ठुकराया अपने भी बदल गये है

हम साथ चले जिनके वो दूर निकल गये है

तेरे ही करम पर हूँ , तू बकश या ठुकराये

मुँह फेर जिधर......


माना के मैं पापी हूँ मुझे खबर गुनायो की

बस इतनी सजा देना मुझे मेरे गुनायो की

तेरे दर हो सर मेरा , और साँस में तू आये

मुँह फेर जिधर.....


हम ख़ाख़ नशीनो की क्या खूब तमना है

तेरे नाम पे जीना है तेरे नाम पे मरना है

मरना है तो तेरी , चोखट पे ही मर जाये

मुँह फेर जिधर.....

भजन देख कर सिंगार दादी मैं ठगा सा रह गया

 

देख कर शिंगार दादी मैं ठगा सा रह गया, मैं ठगा सा रह गया ॥

सो सका न रात भर मैं ठगा सा रह गया,
हाथो में मेहँदी रची है पावो में पायल बजी, देख कर हाथो की लाली मैं ठगा सा रह गया, देख कर शिंगार दादी......
माथे पर चुनरी सजी है गोटे तारो से जड्ड, देख कर चुनरी सुरंगी, मैं ठगा सा रह गया, देख कर शिंगार दादी......
फूलो के गजरे सुहाने हर तरफ खुशबु उड़े, देख कर दरबार दादी, मैं ठगा सा रह गया, देख कर शिंगार दादी......
हर्ष दुल्हन सी बनी है पीडी पर बेठी है माँ, देख कर ममता की मूरत, मैं ठगा सा रह गया, देख कर शिंगार दादी......

माता रानी भजन मैया यह जीवन हमारा

 

मैया ये जीवन हमारा आप के चरणों में है ॥ दीन दुखियो का सहारा आप के चरणों में है

आप की रहमत से मिलती इज्जत की दो रोटियां ॥
 हम गरीवों का सहारा आप के चरणों में है। मैया
........
मै भला चिंता करूँ क्यों मुझे भरोसा आप पर ॥
 मेरा तो परिवार सारा आप के चरणों में है । मैया ..

तेरे दर को छोड़ कर जाऊं तो जाऊं कहाँ ॥
 झुकता ये संसार सारा आप के चरणों में है। मैया
...........

भजन तुम ना सुनोगी तो कौन सुनेगा,devi bhajan,

भजन, तुम ना सुनोगी तो कौन सुनेगा,  

दधिमथी माता भजन,

(भजन गायक निर्माता धर्म पुजा पाठ, सोहनसुत)

गौठ नगर कि जगदंबे सर पर तेरे ताज ।

आ गया हूं शरण में, मां रखियो मेरी लाज ।।दोहा ।।

तुम ना सुनोगी तो कौन सुनेगा,

तेरे बालक की झोली कौन भरेगा ।।टेर।।

दया करो मेरी मां ,कृपा करो मेरी मां,

दधिमती माता दया करो, दधिमती माता कृपा करो,

(अंतरा)

दधिमती मैया बालक हूं तेरा,

 तेरे सिवा दुनिया में कोई नहीं मेरा, 

अटकी है नैया पार कौन करेगा,तुम ना सुनोगी---।।1।।

मेरा हर काम मैया अटक रहा है,

तेरा यह बालक जग में भटक रहा है,

मेरा यह संकट मैया कौन हरेगा,तुम ना सुनोगी--।।2।।

 धर्म पूजा पाठ की सब हंसी उड़ावे, 

जादू टोना टोटका की बात बतावे, 

तेरी महिमा की गाथा कौन कहेगा,तुम ना सुनोगी--।।3।।

दधिमती मैया ऐसा चमत्कार कर दो, 

अपने बालक की झोली खुशियों से भर दो, सोहनसुत गुण गाता रहेगा, तुम ना सुनोगी--।।4।।

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दधिमती भजन


माँ सुणल्यो, माँ सुणल्यो,माँ सुणल्यो शेरावालीये

 माँ सुणल्यो, माँ सुणल्यो,माँ सुणल्यो शेरावालीये 




माँ सुणल्यो, माँ सुणल्यो,माँ सुणल्यो शेरावालीये कबस्यु पुकारू मैया सुणल्यो जोतावालिये ।।टेर।।

कब्सयू खड्यो हु तेरे दर को भिखारी ,
 सुणले ओ माता रानी अब तो हमारी ।।1।।


सिंधु सम हियो मेरो उमडयो माँ आवे,
काली घटा सम दोउ नैना बरसावे।।2।।


ज्यादा अब अइया मैया मत तरसाओ,
हिवड़ो तिहारो अम्बे मोम बनाओ ।।3।।

माफ करो भूल सब ममता की मैया,
ले वो पतवार पार करो मेरी नैया।।4।।


अरजी को गर नंद जोर है मेरो, 
कर दे मां मर्जी मंगल गावा जस थारो ।।5।।