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Sabsyu pratham manawa | सब स्यूँ प्रथम मनावॉ, थॉने देवा रा सरदार

 ॐ गणेश वन्दना

​(तर्ज : सावन का महिना..)

​सब स्यूँ प्रथम मनावॉ, थॉने देवा रा सरदार।

रणत भंवर स्यूँ आप पधारो, हो रही जय जय कार ॥टेर॥

​शंकर सुत थॉने, दुनिया है ध्यावे,

गिरिजा भवानी थॉने लाड लडावे।

थे मूसे चढ़कर आवो, थॉरी खूब करॉ मनुहार ॥१॥

रणत भंवर...

​दुंद दुन्दाला थे हो, सूंड सूंडाला,

थॉरे गले में सोवे, मोतियन माला,

पीताम्बर वस्त्र रो, थे खूब करॉ श्रृंगार-२ ॥२॥

रणत भंवर...

​लड्डुवन रो बाबा थॉरे भोग लगावाँ,

तिलक लगावा थॉने, मीठा भजन सुनावॉ-२

दयावन्त वर दायक, थे विनायक महाराज-२ ॥३॥

रणत भंवर...

​शुभ काम हुआँ थॉने प्रथम मनावॉ,

शादी ब्याह में थॉने, प्रथम बुलावॉ

भगत थॉराँ गुण गावे, थे खूब भरो भण्डार ॥४॥

रणत भंवर...

he Gajanan Aap Ki darkar Hai | हे गजानन आपकी दरकार है

 

(तर्ज - दिल के अरमां आँसुओं में...

हे गजानन आपकी दरकार है ।

 श्याम प्यारे का सजा दरबार है । टेर


शुभ घड़ी आई सुहानी आईये 

ऋद्धि सिद्धि साथ अपने लाईये 

आपकी महिमा तो अपरम्पार है ॥ 1 ॥


सबसे पहले आपकी सेवा करें 

चरणों में सर को झुका वंदन करें 

पहनिये फूलों के लाये हार हैं ॥ 2 ॥


देवताओं का लगा जमघट यहाँ 

ये बतायें आप अब तक हैं कहाँ 

हम सभी को आपका इन्तजार है ॥ 3 ॥


'सेवा केन्द्र' की विनती सुन लीजिये ;

बिन्नू की अरजी है दर्शन दीजिये 

आपसे उत्सव की जय जयकार है ॥ 4 ॥

Aao ji the parwati ra laal | आओ आओ जी पार्वती रा लाल

 आओ आओ जी पार्वती रा लाल, गजानन्द थारो ध्यान धरीं।।

थे आवो रिद्ध-सिद्ध न ल्यावो, भूल न जावो आज।

सबसे पहलाँ सुमराँ थाने, सिध करो सब काज।

आओ आओ जी भक्ताँ रा प्रतिपाल, थारो गुणगान कराँ।। आओ .........

पिता तुम्हारा है शिवशंकर, पार्वती रा प्यारा।

थे म्हारै नैनाँ री ज्योति, थासूँ जग उजियारा।।

सब संकट दिज्यो टाल, गजानन्द थारो ध्यान धराँ।। आओ .........

सुंड सुंडाला दुंद-दुंदाला, कर में फरसो भारी।

गल बैजन्ती माला सोहे, मूसे की असवारी।।

थारो सुन्दर रूप विशाल, कांई तो बखान कराँ।। आओ .........

ना जाणू करणी कविताई, ना जाणा म्है छंद।

गजानन्द थारी कृपा सूं, गावे 'ताराचंद'।।

म्हारो कारज लिज्यो संभाल, चरण रज पान कराँ।। आओ .........