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राम कहां जाए घनश्याम कहां जाए | Ram kahan Jaaye Ghanshyam kahan Jaaye

 राम कहां जाए घनश्याम कहां जाए | Ram kahan Jaaye Ghanshyam kahan Jaaye




राम कहां जाए घनश्याम कहां जाए

नाम अनमोल सुबह श्याम लिया जाए

श्याम जी ने तो बंसी बजाई थी

सारी सखियों की सुध बिसराई थी,

कही चीर चुराए, कई गइया चुराईं,

सुनो जगवालों

राम कहां............


राम जी ने तो अहिल्या को तारा था

पाव छूते ही पार उतारा था,

पार भव से किया उसको दर्शन दिया, सुनो जगवाले

राम कहां...........


जब द्रोपदी का चीर उतारा था,

भरी सभा में श्याम पुकारा था,

सुनी उसकी पुकार दौड़े श्याम, सुनो जगवाले

राम कहां............


राम जी ने तो रावण मारा था,

सारे भक्तों का कष्ट निवरा था।

कही रावण तरे, कही विभीषण तरे, सुनो जगवालों 

राम कहां ......…..


भक्त सुदामों जो मिलने को आए थे,

कच्चे चावल प्रेम से खाए थे,

पग धोते रहे, श्याम रोते रहे, सुनो जगवाले

राम कहां........

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी | door nagari badi door nagari


दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी | door nagari badi door nagari 



 दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी

कैसे आऊं मैं कन्हैया,

तेरी गोकुल नगरी

कैसे आऊं मैं कन्हाई,

तेरी गोकुल नगरी

बड़ी दूर नगरी


रात में आऊं तो कान्हा, डर मोहे लागे

दिन में आऊं तो, देखे सारी नगरी

बड़ी दूर नगरी


कान्हा दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी

कैसे आऊं मैं कन्हाई, तेरी गोकुल नगरी

बड़ी दूर नगरी


सखी संग आऊं कान्हा, शर्म मोहे लागे

अकेली आऊं तो भूल जाऊ डगरी

बड़ी दूर नगरी


कान्हा दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी

कैसे आऊं मैं कन्हाई, तेरी गोकुल नगरी

बड़ी दूर नगरी


धीरे धीरे चालूँ कान्हा, कमर मोरी लचके

झटपट चालूँ तो छलकाए गगरी

बड़ी दूर नगरी

Mira bhajan aajya man mohan Mira

 मीरा का भजन

​आज्या मन मोहन मीरां भेड़तनी बुलावै।

मीरां बुलावै थाने दासी बुलावै रै।।टेर।।

​माय बाबुल मनै लाड लड़ाई, राम जाणे राम संग क्यूं परणाई।

थारी या प्रीत म्हारे दाय ना आवै रै।।१।।

​तुलसी की माला कंठी, सेवा सालीग्राम की, जप तप छोड़ो मीरा

धुन घनश्याम की। भगवाँ उतारो मीरां राणो समझावै रै।।२।।

​हरि की वियोगन जोगन भई दिवानी, मैं नहीं जाणूं राणा

प्रीत निभानी जनम जनम को साथी सींवरो कहावै रै।।३।।

​पत्थर न कांई पूजो बोल्यो हूँ राणो जी, ठाकुर न जिमाओ जद

सांची प्रीत जाणां जी, झूठी कटपनी कुल के दाग लगावै रै।।४।।

​दूध कटोरी भर ल्याई मीरां बाई। पीवो म्हारा ठाकुर थाने मीरां की

दुहाई। दासी उदासी मीरां आंसूड़ा ढलकावै रै।।५।।

​मीरां की पुकार सुनकर श्याम धणी गटक्यो।

दूध कटोरी भरयो सारो गटक्यो।

मीरां की प्रतीज्ञा लाज बचाई रै।।६।।

​अमर सुहागण भागन राठौड़ी री जाई, पीहरियों सासरियों दोनूं

तारया मीरां बाई, भक्त मीरां की औल्यूं सब कोई गावै रै।।७।।

Manihari ka bhesh banaya | मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया |

 मनिहारी का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


झोली कंधे धरी,

उस में चूड़ी भरी,

गलिओं में शोर मचाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


राधा ने सुनी,

ललिता से कही,

मोहन को तुरंत बुलाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


चूड़ी लाल नहीं पहनू,

चूड़ी हरी नहीं पहनू,

मुझे श्याम रंग है भाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


राधा पहनन लगी,

श्याम पहनाने लगे,

राधा ने हाथ बढाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


राधे कहने लगी,

तुम हो छलिया बड़े,

धीरे से हाथ दबाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


मनिहारी का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||


मनिहारी का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया |


छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ||

Sakhi ri mohe laage vrindawan | सखि री मोहे लागे वृन्दावन नीको,

 सखि री मोहे लागे वृन्दावन नीको, 

घर- घर तुलसी ठाकुर पुजा, 

दर्शन गोविन्दजी को, सखि री ....॥



निर्मल नीर बहत जमुना मे,

भोजन दुध, दही, को, सखि री ....॥



रत्न सिंहासन आप विराजे,

मुकुट धरयो तुलसी को, सखि री ....॥  


कुंजन-कुंजनफिरत राधिका,

स्वर सुनत मुरली को सखि री ....॥


मीरा के प्रभु गिरधर नागर, 

भजन बिना नर फीको, सखि री ....॥

संसारका काम तो दूसरा कोई भी कर लेगा, पर अपने कल्याणका काम तो खुदको ही करना पडेगा; जैसे - भोजन और दवा खुदको ही लेनी पडती है ।

परम श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज

Aow Kanhaiya Aao Murari Tere Dar per Aaya Sudama Bhikhari | आओ कन्हैया आओ मुरारी, तेरे दर पर आया सुदामा भिखारी ॥

 सुदामा भजन

(तर्ज़: तुम्हीं मेरे मंदिर)

आओ कन्हैया आओ मुरारी, तेरे दर पर आया सुदामा भिखारी ॥ टेर ॥


क्या मैं बताऊँ क्या मैं सुनाऊँ, एक दुःख नहीं जो, मेरे मन में छुपाऊँ।

घट घट की जानत हो, तुम हे मुरारी ॥ तेरे दर... ॥१॥


नैनों में आँसू उठे ना कदम है, आओ कन्हैया अब तो होठों पे दम है,

आकर के देखो, दशा हमारी ॥ तेरे दर... ॥२॥



ना तो डगर है, ना कोई घर है, फटे हुए कपड़े हैं, सब तुम्हें खबर है,

क्या तुम परीक्षा, लेते हमारी ॥ तेरे दर... ॥३॥



आवाज मेरी, पहुँचा नहीं क्या, दरबान ने तुझको, खबर ही न दी क्या,

ज़रा आके देखो, दशा तो हमारी ॥ तेरे दर... ॥४॥



क्या मुझसे भूल हुई, क्या गुनाह है, दीनों के नाथ,

क्या तू निष्ठुर बना है, पाप किया है क्या, मैंने ये भारी ॥ तेरे दर... ॥५॥



आओ कन्हैया आओ, छूटे अब दम है, अगर अब ना आये तुझका,

माँ की कसम सुन, पड़ेंगे मुरारी ॥ तेरे दर... ॥६॥

Tere Bina Shyam Hamara Nahin Koi Re | तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

 कृष्ण भजन 🙏

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे।

हमारा नहीं कोई रे, सहारा नहीं कोई रे। ॥टेर॥


अमवा की डाली पर, पिंजरा टंगाया।

उड़गया सूवा, पढ़ाया नहीं कोई रे॥१॥ तेरे बिना


गहरी-गहरी नदियां नाव पुरानी

डूबन लागी नाव, बचाया नहीं कोई रे॥२॥ तेरे बिना


भाई और बन्धू कुटुम्ब कबिला,

बिगड़ गई बात बनाया नहीं कोई रे॥३॥ तेरे बिना


कहत कबीर सुनो भाई साधो।

गुरु बिना ज्ञान बताया नहीं कोई रे॥४॥ तेरे बिना

मेरे बाँके बिहारी लाल

 मेरे बाँके बिहारी लाल

​मेरे बाँके बिहारी लाल - तू इतना न करियो श्रृंगार

नज़र लग जाएगी तोहे ।

​तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका, प्यारा लगे तेरा पीला पटका।

तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल - तू इतना न करियो श्रृंगार

तेरी मुरलिया पे मन मेरा अटका, प्यारा लगे तेरा नीला पटका

तेरे घुँघरू वाले बाल - तू इतना ना

तेरे कानों में कुण्डल चमक रह्यो, तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो।

तेरे नैना करे कमाल - तू इतना ना.....

मस्त बजे तेरी प्यारी मुरलिया, मन में बस गई तेरी सुरतिया।

तेरे लट घुँघराले बाल - तू इतना ना

पाँव में पैंजनियाँ बाजें, ग्वाल बाल सब संग में नाचें।

तेरे गले बैजन्ती माल - तू इतना ना


Shri Krishna Govind Hare Murari | श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव

 श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव।।

गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है, भूलूँ न मैं नाम कभी तुम्हारा!

निष्काम होके दिन रात गाऊँ, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

देहान्त काले तुम सामने हो, वंशी बजाते मन को लुभाते।

गाता यही मैं तन तज्यागूँ, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

योगी यति तापस साधु सारे, प्यारे बिना जो दुखिया विचारे।

एकान्त में शील यहीं पुकारे, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

देखो यहाँ भी यह दिखता है, सोचो यहाँ भी यह सुझता है।

सर्वत्र यह ही स्वर गूँजता है, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

प्यारे जरा तो सोचो विचारों, क्या साथ लाये अरु क्या चलोगे।

जावे यही साथ हरदम पुकारो, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

नाता भला क्या जग से प्यारा, आये यहाँ क्यों, कर रहे हो।

सोचो विचारों हरि को पुकारो, गोविन्द दामोदर माधवेती।। ॥ श्रीकृष्ण ॥

श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव।।

Jamuna Jal Mein Kesar gholo | जमुना जल में केसर घोलूं, स्नान कराऊं सांवरा।

 स्नान भजन

जमुना जल में केसर घोलूं, स्नान कराऊं सांवरा।

हल्के हाथों अंग में पोछूं लाड लड़ाऊं सांवरा ।। जमुना...

रूप निहारूं वस्त्र धराऊं, पीत पीताम्बर सांवरा।

तेल सुगन्धित थारे लगाऊं, घुंघर वाले केशमां ।।


कुमकुम केसर तिलक लगाऊं, तिरकम थारे भालमां।

अलबेली आँख्यां में आजूं, अंजन म्हारों सांवरा ।।


कण्ठ में माला कान में कुण्डल, हाथ में कंगना सांवरा।

पगमां रुन झुन पायल बांधूं, चित्त चोर मेरो सांवरा ।।


मोर मुकुट माथे पहराऊं, मुरली देऊ हाथ मां।

नज़र ना लागे श्याम सुन्दर को, वारी जाऊं सांवरा ।।


दूध कटोरा भर के ल्याई, पियो म्हांरा सांवरा।

कृष्ण कृपालु थाने निरखूं, शरणें राखो सांवरा ।।

Mandir jaati Mira ne | मंदिर जाती मीरां नै

 ॥ भजन मीराबाई ॥

मंदिर जाती मीरां नै, साँवरियो मिल गयो रै, मोहन जादू करगयो रै।

जादू करयो, टामण करयो, टूनो करयो रै॥ मोहन...

मीरां नै राणो समझावै, के होग्यो म्हाने क्यूँ न बतावै।

फीका पड़ गया नैन, फरक बोली में पड़ गयो रै॥ मोहन...

मीरां नै राणो समझावै, भले घरां की रीत बतावै।

कुल कै लाग्यो दाग, पति जीवित ही मरग्यो रै॥ मोहन...

मनमोहन है पति हमारा, सबजग को वो पालनहारा।

मिल गयो राधेश्याम मीरां न, गिरधर मिल गयो रै॥ मोहन...

 भजन    गुण मिलान   
 108 नामावली    ज्योतिष 
   पूजा पाठ कहानी व्रत कथा

     


गाड़ी वाले, मने बिठाले, एक बर गाड़ी थाम | gadi wale Mane bithale per gadi Tham

 ॥ भजन श्री श्याम ॥

गाड़ी वाले, मने बिठाले, एक बर गाड़ी थाम, भक्त में हार गयो॥

हार गयो, मैं हार गयो, चलते-चलते हार गयो।

गाड़ी थामले, मने बिठाले, एक बर गाड़ी थाम, भक्त में हार गयो॥

गाड़ी वाले...

नरसी भक्त यूँ कहने लगे, गाड़ी मेरी पुरानी सै।

टूटी गाड़ी ठीक करूँ, ना मेरे स छानी सै।

खाती मेरी जात भक्त जो, किसको मेरो नाम, भक्त में हार गयो॥

गाड़ी वाले...

गाड़ी लगे सुधारन, लई हाथ में आरी थी।

नरसी की टूटी गाड़ी, प्रभु ने तुरन्त सँवारी थी।

नरसी बोला भजन सुना दुं, ना मेरे धोरे दाम, भक्त में हार गयो॥

गाड़ी वाले...

सोलह बैठे बाबाजी, गाड़ी में फैरै माला।

गाड़ी पवन समान चली, हरी आप बने थे गड़वाला।

मैं भी थारे साथ चलूँगा, थोड़ी दूर मेरो गाँव, भक्त में हार गयो॥

गाड़ी वाले...

बाँधे छान, बने गड़वाले, और कभी रथवान बने।

'बद्री' जैसा भक्त बनावै, वैसा ही भगवान बने।

किसनो खाती चाल पड़यो र, कर भक्तां न प्रणाम, भक्त में हार गयो॥

गाड़ी वाले...

banvari Bata Kaun Mari | बनवारी, ओ श्याम मुरारी, बता कुण मारी

 भजन श्री श्याम ॥

बनवारी, ओ श्याम मुरारी, बता कुण मारी,

पूछे यशोदा मात रे, लाला कहो थारे मनड़े री बात रे॥ लाला

भेज्यो थो लाला तनै गाय चरावन, रोवतड़ो घर क्यूँ आयो।

किण रै संग झगड़ो कर लियो, माटी में तन भर ल्यायो॥

कुण तनै मारयो, नाम बतादे, मैया जद पुचकारयो,

कान्हो रोवे, दर्द घणो होवे, जद मैया फेरे हाथ रे॥ लाला...........

बैद‌य़ो थो मैया मैं तो कदम रै नीचे, बोली गुजरिया बंशी बजाया।

नाट गयो मैं नाहीं बजाऊँ, छीनी बंशी दीनी बगाया॥

आज गुजरियाँ मारी मन्नै, सारी हिल-मिल करियाँ,

बंशी तोड़ी, कलाई भी मरोड़ी, और मारी मेरे लात रे,

मैया सुनी न कोई मेरी बात रे॥ लाला...........

सुन सुन कै बातां मैया कान्ह कंवर की, मैया रो हिवड़ो उछलायो।

माटी झाड़ी सारे बदन की, और हिवड़ै से लिपटायो॥

भोली ढालो, कोई न जाणों, मेरो यो गोपालो,

गुजरी खोटी, पकड़ूँगी जाकै चोटी, यूँ मैया झुंझलात रे॥ लाला...........

मैया री बातां सुन सुन के मोहन, मन ही मन में मुस्कावै।

‘ताराचन्द’ कहे ई छलिये को, भेद कोई भी ना पावै॥

कोई न जाणै, माया ईँकी, यो ही भेद बरणायो,

पच-पच हारया, ऋषि मुनि सारा, कै दिन और रात रे॥ लाला...........

आली म्हाने लागे वृन्दावन निको | Sakhi mohe lage Vrindavan neeko/I

मीराँ बाई

लागे वृन्दावन निको आली म्हाने लागे वृन्दावन निको-२

घर-घर तुलसी ठाकुर पूजा ठाकुर पूजा-२

दर्शन गोविन्द जी को ॥आली म्हाने॥

निर्मल नीर बहत यमुना में बहत यमुना में-२

भोजन दुध दहीं को ॥आली म्हाने॥

रत्न सिंघासन आप बिराजे, आप बिराजे-२

मुकुट धरयो तुलसी को ॥आली म्हाने॥

कुंजन कुंजन फिरत राधिका, फिरत राधिका-२

शब्द सुनत मुरली को ॥आली म्हाने॥

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, गिरधर नागर-२

भजन बिना सब फीको ॥आली म्हाने॥ 

लाला कहा जाए या कान्हा कहा जाए | Lala kahan Jaaye ya Kanha kahan Jaaye

 लाला कहा जाए या कान्हा कहा जाए

बोल मुरली वाले तुझे क्या कहा जाए - २

​मैंने हीरों का मुकुट बनवाया, मेरे कान्हा को पसंद नहीं आया

उसे मोर मुकुट, उसे मोर मुकुट पसंद आया पसंद आया

लाला कहा जाए ............

​मैंने फूलों की माला बनवाई, मेरे कान्हा को पसंद नहीं आई

उसे वैजयंती माला, उसे वैजयंता माला पसंद आई

लाला कहा जाए ............

​मैंने धोती जामा बनवाए मेरे कान्हा को पसंद नहीं आए

उसे पीला पीताम्बर तुझे पीला पीताम्बर पसंद आया

लाला कहा जाए ............

​मैंने खेल खिलोने मंगवाए मेरे कान्हा को पसंद नहीं आए

उसे प्यारी बासुरिया, उसे प्यारी बासुरिया पसंद आई

लाला कहा जाए ............

​मैंने हाथी घोड़े मंगवाए मेरे कान्हा को पसंद नहीं आए

उसे छोटी छोटी गायें पसंद आई

लाला कहा जाए ............

​मैंने छप्पन भोग बनवाए मेरे कान्हा को पसंद नहीं आए

उसे माखन मिश्री पसंद आई, उसे माखन मिश्री पसंद आई

लाला कहा जाए ............

बंशी बंजा के किधर गया रे | Bansi Baja Ke Kidhar Gayo Re

 बंशी बंजा के किधर गया रे, मोरे बाँके साँवरिया

मुरली बजा के किधर गया रे, मोरे बाँके साँवरिया

​जब से सुनी है तेरी बैरन मुरलिया

दिन नहीं चैन मुझे रात नहीं निंदिया

जाने क्या जादू कर गयो रे, मोरे बाँके साँवरिया।

​बैरन हो गई रात की निंदियाँ

भूल सकूँ ना श्याम तेरी सुरतिया

याद करेजवा में कर गयो रे, मोरे बाँके साँवरिया।

​तेरे मिलन को जियरा तरसे

नैना मोरे ज्यूँ सावन बरसे

बरस बरस घर भर गयो रे, मोरे बाँके साँवरिया।

​अरविन्द जी कहे मत तरसाओ

भोले साँवरिया दरश दिखाओ

काहे को भूल बिसर गयो रे, मोरे बाँके साँवरिया।

ज़रा इतना बता दे कान्हा | Jara Itna Bata De Kanha

 ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,

तू काला होकर भी जग से निराला क्यों॥


मैंने काली रात को जन्म लिया,

और काली गाय का दूध पीया,

मेरी कमली भी काली है,

इस लिए काला हूँ,

ज़रा इतना बता दे….


सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,

और माखन बहुत खिलाती है,

सखिओं का भी दिल काला,

इस लिए काला हूँ,

ज़रा इतना बता दे….


मैंने काली नाग पर नाच किया,

और काली नाग को नाथ लिया,

नागों का रंग काला,

इस लिए काला हूँ,

ज़रा इतना बता दे….


सावन में बिजली कड़कती है,

बादल भी बहुत बरसतें है,

बादल का रंग काला,

इसलिए काला हूँ,

ज़रा इतना बता दे….


सखी नयनों में कजरा लगाती है,

और नयनों में मुझे बिठाती है,

कजरे का रंग काला,

इसलिए काला हूँ,

ज़रा इतना बता दे कान्हा....