Mata Rani Ke Bhajan । Mata Ke Bhajan
1 भक्तों को दर्शन दे गई रे एक छोटी सी कन्या
2 थाने विनती करूं मैं बारंबार जगदंबा भवानी
5 मंगल की मूल भवानी शरण तेरा है
6 थारा रात दिना गुण गावा थाने नित उठ शीश झुकावा
7 मुंह फेर जिधर देखूं मुझे तू ही नजर आए
8 देख कर सिनगार दादी में ठगा सा रह गया
10 तुम ना सुनोगी तो कौन सुनेगा
13 जगदम्बे भवानी मैया तेरा त्रिभुवन में छाया
14 कर चेत मेरी मैया
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