(तर्ज़ : कठे रयूँ आई सूँठ)
उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम
देखो राम भक्त हनुमान, बोले राम, राम, राम ॥१॥
आँके नैणा मांही राम, आँके हृदय मांही राम।
आँके रोम-रोम में राम, बोले राम, राम, राम ॥२॥
आँके राम शरण की भक्ति, आँके राम नाम की शक्ति।
आँको राम शरण में धाम, बोले राम राम राम ॥३॥
हे राम सिया को प्यारा है, हे भरत समान दुलारा।
आँके राम चरण को काम, बोले राम राम राम ॥४॥
कोई भक्त नहीं है ऐसो, श्री हनुमान के जैसो।
गाँव भक्तजन गुणगान, बोले राम, राम, राम ॥५॥
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