जय बजरंग बली
थालो भरकर लायो रे चुरमो ऊपर डाल को बाटको।
जिम्हो म्हारा बजरंग बाबा आज दिवस है ठाटको॥
यो आज दिवस है ठाटको यो रामायण के पाठ को॥१॥ जिम्हो म्हारा
सालासर थारो गाँव सुहावण मन भावन अति भारी है।
ऊंचे शिखर थारी धजाँ फिरुके आवे नर और नारी है॥
थाने जग मे सभी मनावे काई रंक काइ लाटको॥२॥ जिम्हो म्हारा
दूर दूर से आवे जातरी आकर शिश नवावे है।
जात जड़ूला करवा आवे मन ईच्छा फल पावे है॥
दाल चुरमा को भोग लगावे और खीर को बाटको॥३॥ जिम्हो म्हारा
रोगी ने ये करो नीरोगी निर्धने धनवान करो।
पुत्र हिन ने पुत्र देवो थे निर्बल ने बलवान करो॥
भूत पिशाचू निकट नहि आवे२॥ नाम लिया थार पाठको॥४॥ जिम्हो म्हारा
रामदूत बजरंग बली थे सबका काज सिद्ध करो
जो कोइ थांन मनसू ध्यावे अनधन का भंडार भरो
शिव काशी संग व्यास मनावे२॥ ध्यान धरे नित आपको॥५॥ जिम्हो म्हारा
श्री रामायण प्रचार समिति मुम्बई
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