हनुमान
मेरी विनती सुनो हनुमान, धरूं तेरा ध्यान।
पवन का प्यारा, अंजनी के लाला दुलारा।॥टेर॥
शिव शंकर के अवतारी, श्री राम के आज्ञाकारी।
हे पवन पुत्र बलवान, तेज अतिभारी।॥१॥ अंजनी के....
लक्ष्मण के प्राण बचाये, अहिरवण मार गिराये।
श्री राम के भक्त सुजान, किया निस्तारा।॥२॥ अंजनी के....
तेरे मुकुट गले है माला, तू लाल लंगोटे वाला।
तेरे कानों में कुण्डल झलके, होय उजियारा।॥३॥ अंजनी के....
नित नाम रटू में तेरा, तुम संकट हरियो मेरा।
कहे भक्त करो कल्याण, दास में तिहारा।॥४॥ अंजनी के....
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