॥ भजन श्री श्याम ॥
म्हारे रे आँगणिये में तुलसी को बिड़लो।
मन्दिर में बिराजे बाबो श्याम, बेड़ा पार करें॥
म्हारे श्याम जी के मुकुट बिराजे।
तन केशरिया बागो साजे।
गल वैजयन्ती माल, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........
खाटू नगरी मेलो लागे भारी।
दूर-दूर से आवे नर नारी।
हो लिले असवार, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........
स्यामी श्याम बन्यो देवालों।
ज्यामें बैठ्यो बजरंग बालो।
पवन पुत्र हनुमान, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........
खीर चूरमों भोग लगावां।
नाचा गावां थाने रिझावां।
'प्रेम' करे गुणगान, बेड़ा पार करें॥ मन्दिर.........
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