सौदो तौल दे साँवरिया | sodo tol de sawariya dhamal

 सौदो तौल दे साँवरिया, तेरो भोत बड़ो व्यापार।। सौदो.............

म्हारी गांठ म दाम नहीं है, लिख ले कलम उधार।। सौदो.............


तेरे कन्ने माल है चोखो, भोत धनेरी पूँजी है।

म्हानै देवण की बरिया तूं, आज बण्यो क्यूँ मूँजी है।

तेरे माल की ही साँवरिया, म्हाने है दरकार।। सौदो.............


श्याम नाम की पूँजी जी दे, साथ म तेरी भक्ति रै।

या पूँजी बढ़ती ही जावै, म्हाने ऐसी युक्ति रै।

ब्याज सहित वापस लेणे को, करवाले इकरार।। सौदो.............


गली-गली म फेरी देस्याँ, म्है बिणजारा बण ज्यास्याँ।

गाँव-गाँव म घूम-घूमकर, तेरी महिमा म्है गास्याँ।

पूरो ज़ोर लगाकर बोलाँ, तेरी जय-जयकार।। सौदो.............


तेर नाम को हेलो सुनकर, तेरा प्रेमी आ जावै।

प्रेमीन म बाँट कै ‘बिन्नु’, थोड़ी ब्याज लौटा पावै।

जन्म-जन्म तेरी पूँजी सँ, करस्यूँ म रूजगार।। सौदो.............

यह एक भजन है, जिसकी भाषा मुख्य रूप से राजस्थानी या मारवाड़ी मिश्रित हिंदी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हम से जुड़े रहने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद