स्नान भजन
जमुना जल में केसर घोलूं, स्नान कराऊं सांवरा।
हल्के हाथों अंग में पोछूं लाड लड़ाऊं सांवरा ।। जमुना...
रूप निहारूं वस्त्र धराऊं, पीत पीताम्बर सांवरा।
तेल सुगन्धित थारे लगाऊं, घुंघर वाले केशमां ।।
कुमकुम केसर तिलक लगाऊं, तिरकम थारे भालमां।
अलबेली आँख्यां में आजूं, अंजन म्हारों सांवरा ।।
कण्ठ में माला कान में कुण्डल, हाथ में कंगना सांवरा।
पगमां रुन झुन पायल बांधूं, चित्त चोर मेरो सांवरा ।।
मोर मुकुट माथे पहराऊं, मुरली देऊ हाथ मां।
नज़र ना लागे श्याम सुन्दर को, वारी जाऊं सांवरा ।।
दूध कटोरा भर के ल्याई, पियो म्हांरा सांवरा।
कृष्ण कृपालु थाने निरखूं, शरणें राखो सांवरा ।।
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