।। श्री श्याम वन्दना ।।
(तर्ज - तेरी प्यारी प्यारी सूरत को...)
तुम सज धज कर के बैठे हो, किसी की नजर ना लगे
श्याम सरकार, मेरे दिलदार,
तुम.... ।।
लाल गुलाब के फूलों से किसने तुम्हें सजाया है,
महक रहा दरबार तुम्हारा, इतना अतर लगाया है,
तुम इतने प्यारे लगते हो, किसी की नजर ना लगे,
श्याम.... ।।
केसर चन्दन तिलक लगा, बैठा बैठा मुसकाये,
केसरिया बागा पहने हों, भक्तों के मन को भाये,
तुम भोले भाले हो बाबा, किसी की नजर लगे,
श्याम.... ।।
आज तेरा दरबार लगा, गूंज रहा है जयकारा
दुनिया आयी लुटने खातिर, खोल दे बाबा भंडारा
'बनवारी' नजर उतारूं तेरी, किसी की नजर ना लगे
श्याम.... ।।
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