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नवरात्रि में दीपक जलाने की विधि

नवरात्रि में दीपक जलाने की विधि जानने से पहले दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त क्या होना चाहिए यह जान लेना बहुत जरूरी है।

नवरात्रि में दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि में दीपक जलाने के लिए चौघड़िया के अनुसार शुभ का चौघड़िया लाभ का चौघड़िया अमृत का चौघड़िया हो तो नवरात्रि में दीपक जलाना बहुत ही श्रेष्ठ माना गया है।

नवरात्रि में दीपक जलाने की विधि

नवरात्रि में दीपक जलाने के पहले स्वयं अपने आप को पवित्र कर ले जल छिड़क कर यदि इसमें गंगाजल मील दिया गया हो तो अति उत्तम होगा उसके उपरांत पहले स्वयं तिलक करें क्योंकि शिखा बंधन और तिलक के बिना कभी भी दीपक प्रेरित नहीं करना चाहिए ।

नवरात्रि में किसका दीपक जलाना चाहिए ?

नवरात्रि में दीपक माता के दाहिनी तरफ में घी का दीपक जलाना चाहिए खड़ी बत्ती का और माता जी के बाई तरफ में तिल के तेल का लंबी बत्ती वाला दीपक जलाना चाहिए और दीपक के नीचे चावल जरूर रखना चाहिए ।

नवरात्रि में अखंड दीपक कैसे जलाएं?

नवरात्रि में अखंड दीपक जलने के लिए कलवा का उपयोग करना चाहिए अर्थात कलावे की बत्ती बनानी चाहिए दीपक तेल का हो तो अति उत्तम क्योंकि खास मनोकामना पूर्ण करने के लिए तिल के तेल का दीपक जलाया जाता है और दूसरा कारण यह भी है कि घी गाय का होना चाहिए जो की ज्यादा महंगा होता है और तेल की तरह तरल नहीं होने की वजह से वह बीच में खंडित हो जाता है इसलिए तेल का दीपक जलाना अति उत्तम होगा ।

दीपक जलाने का मंत्र 

दीपो ज्योति परंब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:, 

दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोस्तुते ।।1।।

शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्,

 शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते ।।2।।

या देवी सर्व भूतेशु ज्योति रूपेण संस्थिता 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।3।।

नवरात्रि में दीपक जलाने की विधि



Baje Sanson ke Shehnai lyrics

 बाजी सांसों की शहनाई,

मैया आज मेरे घर आई,

मेरी अखियां ख़ुशी से आज रो पड़ी,

ओ कर दी, मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी,

ओ कर दी, मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी....


वो तो आई देखो मेवा मिश्री खाने,

भोग हलवा और छोले का लगाने

मेरे घर में आके वीरजी भोग लगावे राज़ी राज़ी

वो तो रूखी-सूखी खाएँ बिन चौपड़ी

ओ कर दी, मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी....


देखो सच हुआ सपना गरीब का,

पासा पलट गया मेरी नसीब का,

मेरी मैय्या शेरावाली मेरी मैय्या मेहरावाली,

वो तो शेर पे सवार होके आ खड़ी,

ओ कर दी, मैया ने, पवित्र मेरी झोपड़ी....


में तो जाने ना दूंगी किसी ओर के,

में तो बांध लूँगी भावना की डोर से,

मेरी मैय्या शेरावाली मेरी मैय्या मेहरावाली,

देखो ख़ुशियाँ बनाने आगे आ खड़ी,

कर दी मैय्या ने पवित्र मेरी झोपड़ी....


जैसे राम जी ने शबरी को तारा था,

जैसे श्याम ने विदुर को उभारा था,

वैसे तारने को आयी, सारे जग की महामायी,

वो तो ख़ुशियाँ फैलाने देखो आ गयी,

ओ कर दी, मैया ने पवित्र मेरी झोपड़ी...

Nache Veer Hanuman Man Ke Mandir Mein

 नाचे वीर हनुमान माँ के मंदिर में,

देवे आशीष भगवान् माँ के मंदिर में,


माता जानकी भी लेवे बालियां,

भक्त चढ़ावे देखो नारियल रुपैयाँ,

अंजनी देवे वरदान माँ के मंदिर में,

नाचे वीर हनुमान माँ के मंदिर में


लाल लंगोटा पहने लाल चुनरियाँ,

होके मगन देखो नाचे लांगुरियां,

देवता हॉवे मेहरबान,माँ के मंदिर में,

नाचे वीर हनुमान माँ के मंदिर में


रिद्धि सीढियाँ ढोलक भजावे,

ताली बजावे हनुमान को नचावे,

मस्त मस्लंग दरबार माँ के मंदिर में,

नाचे वीर हनुमान माँ के मंदिर में


माथे के ऊपर लागे तिलक सुहाना,

वैरागी प्यारी लागे वीर हनुमाना,

भक्तो का करे कल्याण माँ के मंदिर में,

नाचे वीर हनुमान माँ के मंदिर में

तुम हो कमल का फूल ओ

 तुम हो कमल का फूल ओ


कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी

धन कमाया भरपूर ओ मैया मेरी

तुम हो कमल का फूल ओ...


बेटा बेटी दोनों ही पाले

प्यार दिया भरपूर ओ मैया मेरी

तुम हो कमल का फूल ओ...


सोचा था बेटी मेरी सेवा करेगी

ब्याह गयी है बड़ी दूर ओ मैया मेरी

तुम हो कमल का फूल ओ...


सोचा था बेटा मेरी मर्जी सुनेगा

हो गया मन से दूर ओ मैया मेरी

तुम हो कमल का फूल ओ...


तन की मेल धोयी हमने मल मल के

मन की न धोयी मैल ओ मैया मेरी

तुम हो कमल का फूल ओ...


सोचा था काया मेरे संग चलेगी

जल भुन हो गयी धूल ओ मैया मेरी


तुम हो कमल का फूल ओ...

म्हारे मन की बात, बाबा थारे से ना छानी हैं,

 म्हारे मन की बात, बाबा थारे से ना छानी हैं,

थाने लाज बचानी हैं, म्हारे मन की बात ।।




बालक म्हे हां थारा, थे ही तो बस म्हारा, ओ कुल का देवता,

आडा ही आया हो, म्हाने बचाया हो, ओ बाबा थे ही सदा,

भुला कैया श्याम, थारी इतनी मेहरबानी हैं,

थाने लाज बचानी हैं, म्हारे मन की बात ।।


दुखड़ा का मारया हां, पल्लो पसारया हां, दयालु मेहर करो,

आ जाओ श्याम धणी, ले हाथा मोर छड़ी, थे मत ना देर करो,

अन्तर्यामी श्याम, बोलो क्या कि खीचा तानी हैं,

थाने लाज बचानी हैं, म्हारे मन की बात ।।


नसीब खोटो है, पर मालिक मोटो है, तो डर किस बात को,

मनड़ो यो काचो है, तू देव सांचो है, रखवालो दिन रात को,

विपदा जो आई, बाबा थाने ही सल्टाणी है,

थाने लाज बचानी हैं, म्हारे मन की बात ।।


बैगा सा आ जाओ, धीरज बंधा जाओ, घटा घनघोर है,

आया नई बनती क्या, आनो ही पड़ती श्याम, थारे पर जोर है,

डगमग डोले नांव, थाने पार लगाणी है,

थाने लाज बचानी हैं, म्हारे मन की बात ।।

Fagun Mela Bhajan l Khatu Jaana Se


खाटू श्याम बाबा,

shyam baba ke bhajan,

श्रीकृष्ण भजन


Rakhwala Pratipala I Hanuman Bhajan I LAKHBIR SINGH LAKKHA,

 रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला,

कदम कदम पर रक्षा करता,

घर घर करें उजाला उजाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


निशदिन तेरा ध्यान लगाऊं,

जपूं आपकी की माला,

धूप दीप नित ज्योत जगाऊ,

पड़े ना यम से पाला रे पाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


मन मंदिर में वास करो प्रभु,

ओ अंजनी के लाला,

पापों का मेरे नाश करो तुम,

बनके दीनदयाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


लाल सुरत मेरे मन को मोहे,

शीश पे मुकुट विशाला,

कानन कुंडल तिलक विशाला,

गल मोतियन की माला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


राम सिया तेरे मन में मोहे,

अजर अमर तेरी माया,

घर घर होवे पूजा तेरी,

सिया सुध लाने वाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


लक्ष्मण मूर्छित बड़े धरनी पर,

वैध बुला कर लाया,

आज्ञा पा संजीवन लाने,

पवन वेग से चाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला,

कदम कदम पर रक्षा करता,

घर घर करें उजाला उजाला,

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला..

Shyam Bhajan Baba Ka Darbar Suhana Lagta Hai

 शहनाइयों की सदा कह रही है

खुशी की मुबारक घड़ी आ गई है

सजे सुर्ख जोड़े मेंचां द से बाबा

फलक से जमीन पर  एक चब्बी आ गई  है ।।


बाबा का दरबार सुहाना लगता है

भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है 

यह सुंदर श्रृंगार सुहाना लगता है भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है

ज्यादा मत देखो नजर लग जाएगी यह कीर्तन की रात दोबारा आएगी

यह सुंदर श्रृंगार सुहाना लगता है भक्तों का तो दिल दीवाना लगता हैं ।। टेर।।

हजारों बार देखा है हजारों बार सजते हो

 मगर क्या बात है मोहन गजब के आज दिखते हो

यह सुंदर श्रृंगार सुहाना लगता है 

भक्तों का तो दिल दीवाना लगता हैं ।।1।।


 अगर हम दूर से देखे कन्हैया पास लगते हो 

अगर नजदीक से देखें बड़े ही खास लगते हो

यह तेरा अंदाज पुराना लगता है

 भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है।।2।।

नजारा देख कर मुझको कोई अपना सा लगता है नया चेहरा तेरा कान्हा कोई अपना सा लगता है 

बदलेगा जल्दी जमाना लगता है 

भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है

यह सुंदर श्रृंगार सुहाना लगता है

 भक्तों का तो दिल दीवाना लगता हैं।।3।।


Tere Charno Mein Sar Ko Jhukata Rahun | Upasana Mehta Bhajan |

 

Tere Charno Mein Sar Ko Jhukata Rahun

Love You Sanwariya || Lakhbir Singh Lakha |

 




फिर से फागण आया रे मन तू चल श्याम के द्वार ।

छोड़ दुनिया के सारे झमेले बस कर ले श्याम से प्यार ।।

मेरे सांवरिया सवरिया प्यारे सांवरिया सांवरिया-2

शाम का जब से प्यार मिला मुझे, श्याम का जब से प्यार मिला है मन बोले हो बावरिया आई लव यू सांवरिया सांवरिया लव यू सांवरिया सांवरिया लव यू सावरिया सांवरिया ।। टेरा।।

मन मेरा बोले मन मेरा बोले मन मेरा बोले लव यू सांवरिया

मुझको उलझा के रखा अपनी बात से होश आया  दिल गया जब हाथ से - 2

अरे ओ  ओ खाटू वाले ओ खाटू वाले 

मेरे जीवन का मेरे बाबा तू ही है बस जरिया आई लव यू सांवरिया I love you लव यू सांवरिया आई लव यू ।।1।।

श्याम मेरे श्याम,श्याम मेरे श्याम

रंग भाये मुझे ना संसार के, हम हैं प्यासे कन्हैया तेरे प्यार के,

अरे ओ ओ लीले वाले खाटू वाले, खाटू वाले लीले वाले

जब से तुमसे नैन लड़े मेरा बदल गया नजरिया बाबा आई लव यू सांवरिया सांवरिया ।।2।।

मुझको राधा कहो या मुझे मीरा, मैं अंगूठी हूं जिसका तू है हीरा,

कान्हा रे कान्हा, कान्हा रे कान्हा

बाबा लख्खा भजके श्याम बेधड़क, गावे हर नगरिया आई लव यू सांवरिया सांवरिया लव यू सांवरिया सांवरिया ।।3।।

teen baten Hamesha Yad rakhen

 teen baten Hamesha Yad rakhen

 बातें हमेशा याद रखें

• तीन चीजें किसी का इंतजार नहीं करती।

समय, मौत और ग्राहक ।


• तीन चीजें जीवन में एक बार मिलती हैं।

मां, बाप और जवानी ।


• तीन चीजें निकलने पर वापस नहीं आती।

तीर कमान से, बात जबान से और प्राण शरीर से ।



• तीन चीजें परदे योग्य हैं।

धन, स्त्री और भोजन ।



• तीन चीजों से बचने की कोशिश करनी चाहिये । बुरी संगत, स्वार्थ और निंदा ।


• तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है। - ईश्वर, मेहनत और विद्या ।



• तीन चीजें याद रखनी जरूरी है। -

सच्चाई, कर्तव्य और मौत । 


• इन तीनों का सम्मान करो

माता, पिता और गुरु ।



• तीन को हमेशा बस में रखो।

- मन, काम और लोभ ।



• तीन चीजें जिन्हें कोई नहीं चुरा सकता।

- विद्या, चरित्र, हुनर ।


• तीन का भरोसा मत करो।

काया का, माया का, छाया का ।



• तीन चीजें भाई को भाई का दुश्मन बना देती है। - जर, जमीन, जोरू


teen baten Hamesha Yad rakhen

Hindi kahani दो दोस्तों की कहानी कहानी मेहनत की और लालच की

 




Hindi kahani दो दोस्तों की कहानी कहानी मेहनत की और लालच की

परिचय

एक छोटे से गाँव में, राम और श्याम नाम के दो दोस्त रहते थे। राम बहुत ही मेहनती और ईमानदार था, जबकि श्याम थोड़ा आलसी और चालाक। दोनों की दोस्ती बचपन से थी, लेकिन उनके स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर था। एक दिन, गाँव में एक प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सबसे अच्छा काम करने वाले को इनाम दिया जाना था। राम ने मेहनत से काम किया, जबकि श्याम ने चालाकी से काम निकालने की कोशिश की। इस कहानी के माध्यम से हमें यह सीख मिलती है कि मेहनत और ईमानदारी हमेशा फल देती है।


 Hindi kahani दो दोस्तों की कहानी कहानी मेहनत की और लालच की


### h1: प्रतियोगिता की घोषणा


एक दिन, गाँव के सरपंच ने घोषणा की कि अगले सप्ताह एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में गाँव के सभी युवाओं को भाग लेना था। प्रतियोगिता का विषय था "सबसे उपयोगी और सुंदर वस्तु बनाना"। जो भी इस प्रतियोगिता में जीतेगा, उसे गाँव की तरफ से एक बड़ा इनाम दिया जाएगा।


राम और श्याम दोनों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेने का फैसला किया। राम ने सोचा कि वह अपने हाथों से कुछ ऐसा बनाएगा जो गाँव के लिए उपयोगी हो। उसने लकड़ी से एक सुंदर और मजबूत बेंच बनाने का निर्णय लिया। दूसरी ओर, श्याम ने सोचा कि वह कुछ ऐसा बनाएगा जो दिखने में सुंदर हो, चाहे वह उपयोगी हो या न हो। उसने कागज से एक सुंदर फूलदान बनाने का निर्णय लिया।

राम की मेहनत


राम ने अपने काम में जुट गया। वह रोज सुबह उठकर जंगल जाता और अच्छी लकड़ी ढूंढता। फिर वह उसे घर लाकर, उस पर मेहनत से काम करता। वह चाहता था कि उसकी बेंच न केवल सुंदर हो, बल्कि मजबूत और टिकाऊ भी हो। उसने बेंच को इस तरह से डिजाइन किया कि वह गाँव के बुजुर्गों के लिए आरामदायक हो। राम की मेहनत और लगन देखकर गाँव के लोग उसकी तारीफ करते।


 श्याम की चालाकी


दूसरी ओर, श्याम ने अपने काम में चालाकी दिखाई। उसने सोचा कि क्यों इतनी मेहनत करें, जब कम मेहनत में भी काम चल सकता है। उसने कागज से एक सुंदर फूलदान बनाया, जो दिखने में तो आकर्षक था, लेकिन उपयोग में नहीं आ सकता था। श्याम ने सोचा कि चूंकि प्रतियोगिता में सुंदरता का मूल्यांकन होगा, इसलिए उसका फूलदान जीत जाएगा। उसने अपने फूलदान को रंग-बिरंगे कागज से सजाया और उसे आकर्षक बनाने की पूरी कोशिश की।

राम की बेंच लकड़ी से बनी थी, जो मजबूत और टिकाऊ थी। उसने बेंच को इस तरह से डिजाइन किया था कि वह न केवल सुंदर दिखे, बल्कि उपयोग में भी आसान हो। बेंच की सीट और पीठ को आरामदायक बनाने के लिए उसने उसे थोड़ा घुमावदार बनाया था। बेंच के पैरों को मजबूत बनाने के लिए उसने उन्हें थोड़ा मोटा रखा था।


श्याम का फूलदान कागज से बना था, जो दिखने में तो सुंदर था, लेकिन उपयोग में नहीं आ सकता था। उसने फूलदान को रंग-बिरंगे कागज से सजाया था और उसके ऊपर चमकीले रंगों का उपयोग किया था। फूलदान का आकार सुंदर था, लेकिन वह पानी नहीं रोक सकता था, इसलिए उसमें फूल रखना संभव नहीं था।


निष्कर्ष


प्रतियोगिता के दिन, गाँव के सभी लोग इकट्ठा हुए। राम ने अपनी बेंच प्रस्तुत की, जो न केवल सुंदर थी, बल्कि उपयोगी भी थी। श्याम ने अपना फूलदान प्रस्तुत किया, जो दिखने में तो आकर्षक था, लेकिन उपयोग में नहीं आ सकता था। जजों ने दोनों की वस्तुओं का मूल्यांकन किया और राम की बेंच को विजेता घोषित किया।


इस प्रतियोगिता से राम और श्याम दोनों को एक महत्वपूर्ण सीख मिली। राम को यह सीख मिली कि मेहनत और ईमानदारी हमेशा फल देती है। श्याम को यह सीख मिली कि चालाकी से काम नहीं चलता, बल्कि मेहनत और ईमानदारी से काम करना चाहिए। दोनों दोस्तों ने इस घटना के बाद अपने जीवन में मेहनत और ईमानदारी को अपनाया और आगे बढ़े।


 सीख


इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि मेहनत और ईमानदारी हमेशा फल देती है। चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, अगर हम मेहनत और ईमानदारी से काम करें, तो हमें सफलता जरूर मिलती है। चालाकी और आलस से कभी भी सही नतीजे नहीं मिलते। इसलिए, हमेशा मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहिए।

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