॥ भजन मीराबाई ॥
मंदिर जाती मीरां नै, साँवरियो मिल गयो रै, मोहन जादू करगयो रै।
जादू करयो, टामण करयो, टूनो करयो रै॥ मोहन...
मीरां नै राणो समझावै, के होग्यो म्हाने क्यूँ न बतावै।
फीका पड़ गया नैन, फरक बोली में पड़ गयो रै॥ मोहन...
मीरां नै राणो समझावै, भले घरां की रीत बतावै।
कुल कै लाग्यो दाग, पति जीवित ही मरग्यो रै॥ मोहन...
मनमोहन है पति हमारा, सबजग को वो पालनहारा।
मिल गयो राधेश्याम मीरां न, गिरधर मिल गयो रै॥ मोहन...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
हम से जुड़े रहने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद