सुदामा भजन
(तर्ज़: तुम्हीं मेरे मंदिर)
आओ कन्हैया आओ मुरारी, तेरे दर पर आया सुदामा भिखारी ॥ टेर ॥
क्या मैं बताऊँ क्या मैं सुनाऊँ, एक दुःख नहीं जो, मेरे मन में छुपाऊँ।
घट घट की जानत हो, तुम हे मुरारी ॥ तेरे दर... ॥१॥
नैनों में आँसू उठे ना कदम है, आओ कन्हैया अब तो होठों पे दम है,
आकर के देखो, दशा हमारी ॥ तेरे दर... ॥२॥
ना तो डगर है, ना कोई घर है, फटे हुए कपड़े हैं, सब तुम्हें खबर है,
क्या तुम परीक्षा, लेते हमारी ॥ तेरे दर... ॥३॥
आवाज मेरी, पहुँचा नहीं क्या, दरबान ने तुझको, खबर ही न दी क्या,
ज़रा आके देखो, दशा तो हमारी ॥ तेरे दर... ॥४॥
क्या मुझसे भूल हुई, क्या गुनाह है, दीनों के नाथ,
क्या तू निष्ठुर बना है, पाप किया है क्या, मैंने ये भारी ॥ तेरे दर... ॥५॥
आओ कन्हैया आओ, छूटे अब दम है, अगर अब ना आये तुझका,
माँ की कसम सुन, पड़ेंगे मुरारी ॥ तेरे दर... ॥६॥
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