जां की सांची भक्ति जागी | Jyanki Sanchi Bhakti Jagi

 (तर्ज : धरती धोरा री....) 

जां की सांची भक्ति जागी,

जांकी प्रीत श्याम संग लागी,

जो है श्याम चरण अनुरागी,

बां न नमन करां ॥ टेर ॥

लेकर दुध कटोरो आई,

पीवण आयो कृष्ण कन्हाई,

मीरा निज हाथा सं प्याई, बां न नमन करा ।

नानी बाई घणी उदास, पक्को नरसी न विश्वास,

पूरयो सेट सांवरो आश, बां न नमन करा ॥

धन्ना जाट को शाली ग्राम,

करतो फिरै भगत को काम,

बी को मीत बण्यो घनश्याम, वां न नमन करा ॥

भक्तां क वश म भगवान,

भक्तां को ऊँचो स्थान,

'सेवक' बां को कर सम्मान, बां न नमन करा ॥

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