भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म......शिव भजन
अरजी सुणज्यो जीतपुरार थे तो भूतों के सरदार,
थारी महिमा अपरंपार धतूरों बोयो बन म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
था र बैला की असवारी म्हाने ला ग बहोत सुप्यारी,
नाग बिराजै गल म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
थारी महिमा अपरंपार धतूरों बोयो बन म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
था र गौरा छ अर्धङ्ग शंकर नित उठ पीवो भंग,
भष्मी रामाओ तन म, भष्मी रामाओ तन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
थारी महिमा अपरंपार धतूरों बोयो बन म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
था र डम डम डमरू बाजै, था र पगां घूघरा बाजै,
गिरजा सोहे संग म, नारी सोहे संग म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
थारी महिमा अपरंपार धतूरों बोयो बन म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
अरजी सुणज्यो जीतपुरार थे तो भूतों के सरदार,
थारी महिमा अपरंपार धतूरों बोयो बन म, धतूरों बोयो बन म।
भांगडली सरणाई रे शिव थारा नैना म।।
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