banvari Bata Kaun Mari | बनवारी, ओ श्याम मुरारी, बता कुण मारी

 भजन श्री श्याम ॥

बनवारी, ओ श्याम मुरारी, बता कुण मारी,

पूछे यशोदा मात रे, लाला कहो थारे मनड़े री बात रे॥ लाला

भेज्यो थो लाला तनै गाय चरावन, रोवतड़ो घर क्यूँ आयो।

किण रै संग झगड़ो कर लियो, माटी में तन भर ल्यायो॥

कुण तनै मारयो, नाम बतादे, मैया जद पुचकारयो,

कान्हो रोवे, दर्द घणो होवे, जद मैया फेरे हाथ रे॥ लाला...........

बैद‌य़ो थो मैया मैं तो कदम रै नीचे, बोली गुजरिया बंशी बजाया।

नाट गयो मैं नाहीं बजाऊँ, छीनी बंशी दीनी बगाया॥

आज गुजरियाँ मारी मन्नै, सारी हिल-मिल करियाँ,

बंशी तोड़ी, कलाई भी मरोड़ी, और मारी मेरे लात रे,

मैया सुनी न कोई मेरी बात रे॥ लाला...........

सुन सुन कै बातां मैया कान्ह कंवर की, मैया रो हिवड़ो उछलायो।

माटी झाड़ी सारे बदन की, और हिवड़ै से लिपटायो॥

भोली ढालो, कोई न जाणों, मेरो यो गोपालो,

गुजरी खोटी, पकड़ूँगी जाकै चोटी, यूँ मैया झुंझलात रे॥ लाला...........

मैया री बातां सुन सुन के मोहन, मन ही मन में मुस्कावै।

‘ताराचन्द’ कहे ई छलिये को, भेद कोई भी ना पावै॥

कोई न जाणै, माया ईँकी, यो ही भेद बरणायो,

पच-पच हारया, ऋषि मुनि सारा, कै दिन और रात रे॥ लाला...........

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