खप्पर भरकर लायी गौरजा | khappar bhar Kar layi gourja

 जय भोले शंकर

खप्पर भरकर लाये गौरजा भाँग धतूरा धौट कै।

पियो म्हारा भोला शम्भू २ बारगबर की ओट सै।। १।। ध खप्पर भरकर लाये

आंकडे की रोटी लाई धतूरे को साग जो।

बिजयाकी म्है दाल बनाइ जिम्मो म्हारा बापजी र।

बडे चाव से लाई र गौरजा आँचल की या ओटमै।।२।। पियो म्हारा भोला

केदारनाथ ओंकारनाथ बाबा विश्वनाथ हो रामेश्वर

कोइ भीमाशंकर कहता कोइ कहता घृशमेश्वर र

महाकाल तेरे भस्मी रमावै र भक्त व्हारे पौटपर।।३।। पियो म्हारा भोला

सोमनाथ मल्लिकार्जुन तुम हो तुम ही हो प्रभु नागेश्वर

पशुपतीनाथ तुम्हीं हो शंकर तुम्हीं हो प्रभु त्रंबकेश्वर र

वैद्यनाथ तेरे करें परिक्रमा भक्त जमीं पर लौटकर।।४।। पियो म्हारा भोला

नंदी भूंगी नृत्य करत है करमै वाजंत है डमरू

तांडव नृत्य करत प्रलयंकर पावाम् लै लै कै घुँगरू र

शिवा गजानन और षडानन् नाचत लोटपोट कै।।५।। पियो म्हारा भोला

आशुतोष तुम अवढरदानी सबकी अभिछा पूरण करो

भूतनाथ बाबा भोलेशंकर सबकी इच्छा दूर करों र

शिव काशी संग बसो मनावै नमन कर जोर कै।।६।। पियो म्हारा भोला





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हम से जुड़े रहने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद